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Showing posts from October, 2024
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31 अक्टूबर को स्वाति नक्षत्र में कार्तिक अमावस्या की तिथि को लक्ष्मी नारायण राजयोग में दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। रामायण के मुताबिक, भगवान राम ने लंका पर विजय हासिल करने के बाद माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापसी की थी. उस दिन अयोध्यावासियों ने दीपक जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था. दिवाली को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. जैन धर्म में दिवाली को महावीर निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है. जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर ने इसी दिन बिहार के पावापुरी में मोक्ष प्राप्त किया था. कुछ हिंदू दिवाली को भगवान कृष्ण के असुर नरकासुर का वध करने का उत्सव मानते हैं. कई भारतीय संस्कृतियों में दिवाली को नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस दिन लोग अपने घरों को रंगोली और दीयों से सजा ते हैं. इस खास अवसर पर धन और सुख-समृद्धि में वृद्धि पाने के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की ज...
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आज त्रयोदशी है, आज बुधवार है । अगर कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें, इस समय कोई शुभ कार्य न करें। आज राहुकाल दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 01:28 बजे तक तक रहेगा। इसके अलावा 30 अक्टूबर को श्री धन्वतंरि जयंती, हनुमान जयंती और मास शिवरात्रि भी मनाई जाएगी। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय आज यानी बुधवार 30 अक्टूबर 2024 के दिन कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन छोटी दीवाली ( Choti Diwali Panchang) का पर्व मनाया जा रहा है। साथ ही इस दिन काली चौदस और हनुमान पूजा
29 October Dhanteras 2024
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यहां आप पंचांग से जानेंगे धनतेरस पूजा और खरीदारी का सबसे सही मुहूर्त। 29 अक्टूबर 2024 को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा इस बार त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 10.31 बजे आरम्भ होगी और 30 अक्टूबर को दोपहर 01.15 बजे तक रहेगी. इस बार धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त रहेंगे. इस साल धनतेरस का शुभ पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा. दीपावली की रात भगवान श्री गणेश व देवी लक्ष्मी के लिए भोग चढ़ाया जाता है। कहा जाता है कि समुद्र मन्थन के समय भगवान धन्वन्तरि और माँ लक्ष्मी का जन्म हुआ था, यही कारण है कि धनतेरस को भगवान धन्वन्तरि और माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है । धनतेरस दिवाली के दो दिन पहले मनाया जाता है। धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहा जाता है और यह कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेरजी की पूजा की जाती है। आपके घर में पूरे साल बरकत बनी रहे इसके लिए मां लक्ष्मी और कुबेरजी का आशीर्वाद भी धनतेरस पर लिया जाता है। भगवान धनवंतरि से जुड़ी है धनतेरस की असली ...
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चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है । नवरात्रि की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन लोग कन्या पूजन भी करते हैं। मां महागौरी का रंग अंत्यत गोरा है। देवी को फूल, माला, सिन्दूर, अक्षत, नारियल और नारियल से बना भोग अवश्य चढ़ाना चाहिए. इसके अलावा, अगर आप अष्टमी पर कन्या पूजन अनुष्ठान कर रहे हैं तो देवी को चना, हलवा और पूरी का भोग अवश्य लगाना चाहिए
Aaj 9 October 2024. 7 din navratra
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9 अक्टूबर2024 को शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है और इस दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है. इस दिन को महासप्तमी के नाम से भी जाना जाता है. मां कालरात्रि को कालों की काल माना जाता है. इनकी पूजा करने से शत्रु, डर, और कष्ट दूर होते हैं. 9 अक्टूबर, 2024 को पंचांग के मुताबिक, ये खास बातें भी हैं: दपहर 12 बजकर 15 मिनट तक आश्विन शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेग इ , इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी पूरा दिन और पूरी रात शोभन योग रहेगा. पूरा दिन मूल नक्षत्र रहेगा. सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक शोभन योग रहेगा. भोर 5 बजकर 15 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा.
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7 अक्टूबर 2024 मां स्कंदमाता की पूजा होगी . शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन माता को केले का भोग जरुर लगाएं, इससे देवी प्रसन्न होती है 7 अक्टूबर 2023, दिन- शनिवार, आश्विन मास, कृष्ण पक्ष , अष्टमी तिथि सुबह 8.08 बजे तक फिर नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र रात 11.57 बजे तक फिर पुष्य नक्षत्र, चंद्रमा- मिथुन में शाम 5.18 बजे तक फिर कर्क में, सूर्य- कन्या राशि, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.45 बजे से दोपहर 12.32 बजे तक.
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ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 03 अक्टूबर यानी आज आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस तिथि पर शारदीय नवरात्र के पर्व की शुरुआत होती है। इस उत्सव के दौरान 9 दिन मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है और प्रथम दिन घटस्थपना करने का विधान है। शारदीय नवरात्रि की शुरूआत गुरुवार से है. इस दिन नवरात्रि का पहला दिन और गुरुवार व्रत है. इस दिन अश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि, हस्त नक्षत्र, इंद्र योग, किंस्तुघ्न करण, दक्षिण का दिशाशूल और कन्या राशि में चंद्रमा है.
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आज 2 अक्टूबर को पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 155वीं जयंती पर बापू के महान विचारों और आजादी में उनके योगदान को याद कर रहा है । गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात पोरबंदर में हुआ था। Happy Gandhi Jayanti: 2 अक्टूबर क गांधी जयंत मनाई जाती है। हर साल यह दिन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मोत्सव के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।