31 अक्‍टूबर को स्‍वाति नक्षत्र में कार्तिक

 अमावस्‍या की तिथि को लक्ष्‍मी नारायण

 राजयोग में दीपावली का त्‍योहार मनाया जाएगा।




रामायण के मुताबिक, भगवान राम ने लंका पर विजय हासिल करने के बाद माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापसी की थी. उस दिन अयोध्यावासियों ने दीपक जलाकर भगवान राम का स्वागत किया था. 

 


दिवाली को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. 

 


जैन धर्म में दिवाली को महावीर निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है. जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर ने इसी दिन बिहार के पावापुरी में मोक्ष प्राप्त किया था. 

 


कुछ हिंदू दिवाली को भगवान कृष्ण के असुर नरकासुर का वध करने का उत्सव मानते हैं. 

 

कई भारतीय संस्कृतियों में दिवाली को नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. 

 

दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. 

इस दिन लोग अपने घरों को रंगोली और दीयों से सजा

ते हैं. 




इस खास अवसर पर धन और सुख-समृद्धि में वृद्धि पाने के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है।


ये भी कहा जाता है कि 'दीपदान' से शारीरिक एवं आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। 

जहां सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच सकता है,

 वहां दीपक का प्रकाश पहुंच जाता है।

 दीपक को सूर्य का भाग 'सूर्यांश संभवो दीप:' कहा जाता है।

 दिवाली का त्योहार कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है.

 इस बार दिवाली 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी. दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी, सरस्वती और गणेश जी की जाती है. 

ऐसा कहा जाता है

कि जो लोग इस दिन लक्ष्मी पूजा करते हैं,

 उन्हें पूरे साल समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. दिवाली यानी रौनक, पकवान, मुस्कुराहट, खुशियां, साफ सफाई, रंगोली और दीये का त्योहार है. क्या आपने कभी सोचा है 

कि हम ये खूबसूरत त्योहार क्यों मनाते हैं. कभी सोचा है

 कि इस पावन पर्व की शुरआत कब हुई. 

आइए उन पौराणिक कहानियों के बारे में जानते 

है.

Comments

Popular posts from this blog

29 October Dhanteras 2024